परिचय
मार्च में उत्तरी भारत में किचन गार्डनिंग का सुनहरा मौका! 30-60 दिनों में ताज़े टमाटर, भिंडी और खीरे आपकी प्लेट में।
लखनऊ के लिए ये 10 सब्जियां भरपूर पैदावार देती हैं, बाजार जाने की जरूरत नहीं। यह आसान गाइड नए और अनुभवी दोनों के लिए है। तो चलिए, शुरू करते हैं!
मार्च में किचन गार्डन क्यों बनाएं?
उत्तरी भारत में मार्च का महीना वसंत का होता है। इस दौरान तापमान 15°C से 30°C के बीच रहता है, जो गर्मियों की ज़्यादातर सब्जियों के लिए बहुत अच्छा है।
- इस समय कीड़े-मकोड़ों का प्रकोप कम होता है, क्योंकि उनकी गतिविधि अभी शुरू ही हो रही होती है।
- मिट्टी में नमी बनी रहने के कारण, सिंचाई की ज़्यादा ज़रूरत नहीं होती।
- आपकी फसलें गर्मियों के शुरू होने से पहले, 2-3 महीनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती हैं।
जरूरी तैयारी
- मिट्टी का मिश्रण तैयार करते समय, निम्नलिखित अनुपात का ध्यान रखें: 50% बगीचे की मिट्टी का उपयोग करें, जो पौधों को आवश्यक आधार प्रदान करेगी। इसके अतिरिक्त, 30% गाय का गोबर मिलाएं, जो एक उत्कृष्ट प्राकृतिक उर्वरक है और मिट्टी को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है, जिससे पौधों का विकास बेहतर होता है।
- बाकी 20% के लिए, कोकोपीट या वर्मीकम्पोस्ट का उपयोग करें; ये दोनों ही मिट्टी को हल्का और हवादार बनाते हैं, साथ ही नमी को बनाए रखने में मदद करते हैं।
- पौधों को लगाने के लिए गमले या क्यारियाँ 12 से 18 इंच गहरी होनी चाहिए। यह गहराई जड़ों को अच्छी तरह से फैलने और विकसित होने के लिए पर्याप्त जगह प्रदान करती है।
- बीज का चुनाव करते समय, उच्च गुणवत्ता वाले हाइब्रिड या स्थानीय किस्मों का चयन करें। मेरी व्यक्तिगत पसंद ऊर्जा सीड्स के बीज हैं, लेकिन आप अपनी स्थानीय नर्सरी से भी अच्छे बीज प्राप्त कर सकते हैं।
- पौधों को स्वस्थ रहने और अच्छी तरह से विकसित होने के लिए रोजाना 6 से 8 घंटे धूप की आवश्यकता होती है। सुनिश्चित करें कि आपके पौधे पर्याप्त धूप प्राप्त कर रहे हैं।
मार्च में लगाने वाली 10 सब्जियाँ – विस्तार से गाइड
1. टमाटर (Tomato) –
- मेरे बगीचे का राजा, टमाटर! यदि आप इसे मार्च के महीने में लगाते हैं, तो यह अप्रैल या मई तक फल देना शुरू कर देता है, जिससे आपको ताज़े और स्वादिष्ट टमाटर का आनंद लेने का अवसर मिलता है।
- इसे लगाने का तरीका थोड़ा विस्तृत है: सबसे पहले, फरवरी के महीने में टमाटर के बीजों को एक ट्रे में बोएं। ध्यान रखें कि ट्रे अच्छी गुणवत्ता वाली हो और उसमें उचित जल निकासी हो।
- बोने के बाद, लगभग 25 से 30 दिनों तक इंतजार करें, जब तक कि पौधे थोड़े बड़े न हो जाएं। इसके बाद, उन्हें 12 इंच के गमलों में सावधानीपूर्वक लगा दें।
- गमलों में लगाते समय, यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक पौधे के बीच कम से कम 45 सेंटीमीटर की दूरी हो, ताकि उन्हें बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह मिल सके।
- टमाटर के पौधों की देखभाल करना भी महत्वपूर्ण है। पौधों को सहारा देने के लिए बांस की डंडी का उपयोग करें, क्योंकि जब उन पर फल लगेंगे तो वे झुक सकते हैं।
- नियमित रूप से, हर दो दिन में पौधों को पानी दें, लेकिन ध्यान रखें कि मिट्टी में पानी जमा न हो।
- कीड़ों से बचाने के लिए, नीम के तेल का उपयोग करें, जो एक प्राकृतिक और प्रभावी कीटनाशक है। इसे पौधों पर स्प्रे करें, खासकर पत्तियों के नीचे।
- टमाटर की कटाई का समय आमतौर पर 60 से 80 दिनों के अंदर होता है। आप देखेंगे कि टमाटर लाल और पक गए हैं, और छूने पर थोड़े नरम महसूस होते हैं।
- मेरे व्यक्तिगत अनुभव के अनुसार, एक ही टमाटर का पौधा आपको 4 से 5 किलोग्राम तक फल दे सकता है, जो आपके बगीचे के लिए एक शानदार उपज है!
2. बैंगन (Brinjal/Eggplant)
गर्मी सहने वाला चैंपियन, बैंगन!
- रोपण विधि: टमाटर के पौधों की तरह ही बैंगन के पौधों को भी ट्रांसप्लांट करके रोपें। सुनिश्चित करें कि प्रत्येक पौधे के बीच लगभग 60 सेंटीमीटर की दूरी हो, ताकि उन्हें बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह मिल सके।
- देखभाल कैसे करें: बैंगन के पौधों को भरपूर धूप की आवश्यकता होती है, इसलिए उन्हें ऐसे स्थान पर लगाएं जहाँ दिन भर सीधी धूप आती रहे। नाइट्रोजन से भरपूर खाद का उपयोग करें, जैसे कि घर पर बनी चाय की पत्ती की खाद, जो पौधों के विकास के लिए बहुत अच्छी होती है। नियमित रूप से खाद डालते रहें।
- कटाई का समय: बैंगन के पौधे आमतौर पर रोपण के 70–90 दिनों के भीतर कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं। मेरे लखनऊ वाले बगीचे में, बैंगन के पौधे पूरे साल फल देते हैं, इसलिए मैं पूरे साल इनकी कटाई करता रहता हूँ।
3. हरी मिर्च (Chilli)
- मसालों का राजा, जो कम जगह में भी ज़्यादा पैदावार देता है! अगर आप भी अपने घर पर मसाले उगाना चाहते हैं, तो यह आपके लिए बिलकुल सही है।
- उगाने का तरीका: सबसे पहले, इसके बीजों को सीड ट्रे में उगाना शुरू करें। जब पौधे थोड़े बड़े हो जाएं, तो उन्हें 10–12 इंच के गमले में लगा दें। गमला थोड़ा बड़ा होना चाहिए ताकि पौधे को बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह मिल सके।
- देखभाल कैसे करें: इस पौधे को बहुत कम पानी की ज़रूरत होती है, इसलिए इसे ज़्यादा पानी न दें। इसे भरपूर धूप में रखें, क्योंकि धूप इसके विकास के लिए बहुत ज़रूरी है। जब पौधे में फूल आने लगें, तो इसमें पोटाश खाद डालें। पोटाश खाद डालने से फूलों और फलों की पैदावार अच्छी होती है।
- कटाई कब करें: आमतौर पर, बुआई के 60–75 दिनों के बाद इसकी कटाई शुरू हो जाती है। मेरे अनुभव के अनुसार, एक ही पौधा लगभग 6 महीने तक लगातार मिर्च देता रहता है! यह बहुत ही बढ़िया बात है कि आपको एक ही पौधे से इतने लंबे समय तक मिर्च मिलती रहती है।
एक उपयोगी टिप: आप इसी पौधे से लाल मिर्च भी तोड़ सकते हैं। जब मिर्च लाल हो जाए, तो आप उसे तोड़कर लाल मिर्च के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। यह एक ही पौधे से हरी और लाल मिर्च प्राप्त करने का शानदार तरीका है।
4. भिंडी (Okra/Bhindi) – गर्मी की रानी
सबसे आसान और तेज़ तरीका भिंडी उगाने का! भिंडी उगाने के लिए, सबसे पहले बीजों का चुनाव करें। फिर, बुवाई की तैयारी करें।
- कैसे रोपें: भिंडी के बीजों को सीधे 12 इंच के गमले में या फिर अपने बगीचे की क्यारी में रोप सकते हैं। ध्यान रखें कि जब आप बीजों को रोप रहे हों, तो उनके बीच लगभग 30 सेंटीमीटर की दूरी अवश्य रखें। यह दूरी पौधों को ठीक से बढ़ने में मदद करेगी। बीजों को बोने से पहले, उन्हें रात भर पानी में भिगोकर रखना चाहिए। इससे अंकुरण में मदद मिलती है।
- देखभाल: भिंडी के पौधों की देखभाल करना भी ज़रूरी है। पौधों को हर दूसरे दिन पानी देना चाहिए, ताकि मिट्टी में नमी बनी रहे। इसके साथ ही, आपको नीचे की पत्तियों को समय-समय पर काटते रहना चाहिए। ऐसा करने से पौधे स्वस्थ रहेंगे और अच्छी तरह से बढ़ेंगे।
- कटाई: भिंडी की फसल लगभग 45 से 50 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। मेरे अपने बगीचे में, मैंने देखा है कि मार्च के महीने में रोपी गई भिंडी जून तक फल देती रहती है।
टिप: एक महत्वपूर्ण बात यह है कि अगर आप हर 3 दिन में भिंडी की कटाई करते हैं, तो पौधे और भी ज़्यादा फल देंगे। नियमित रूप से कटाई करने से पौधे को नई फलियाँ उगाने के लिए प्रोत्साहन मिलता है।
5. खीरा (Cucumber)
ताज़गी का खज़ाना, आपके लिए! यह एक विशेष प्रकार की खीरे की बेल है जो आपको ताज़गी का अनुभव कराएगी।
- कैसे लगाएँ: यह एक बेल वाली किस्म है, इसलिए इसे बढ़ने के लिए सहारे की आवश्यकता होती है। जाली (trellis) पर उगाना इसके लिए सबसे सही रहता है, क्योंकि यह बेल को ऊपर चढ़ने में मदद करता है और खीरे को जमीन से दूर रखता है। इसे लगाने के लिए, 18 इंच का गमला इस्तेमाल करें। गमले का आकार बेल के विकास के लिए पर्याप्त जगह प्रदान करेगा।
- देखभाल: इस किस्म को भरपूर पानी की आवश्यकता होती है, खासकर गर्मी के मौसम में, इसलिए नियमित रूप से पानी देना सुनिश्चित करें। मल्चिंग (पत्तों की एक परत बिछाकर) करने से मिट्टी में नमी बनी रहती है और खरपतवारों को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। मल्चिंग जड़ों को ठंड से भी बचाता है।
- कटाई: यह किस्म बुवाई के 50–60 दिनों के अंदर कटाई के लिए तैयार हो जाती है। मेरे अनुभव के अनुसार, एक पौधा 10–12 किलोग्राम तक पैदावार देता है, जो कि आपके परिवार के लिए पर्याप्त खीरे प्रदान करने के लिए काफी है।
टिप: खीरे को कड़वा होने से बचाने के लिए नियमित रूप से पानी दें। पानी की कमी के कारण खीरे कड़वे हो सकते हैं, इसलिए मिट्टी को हमेशा नम रखना महत्वपूर्ण है। नियमित रूप से पानी देने से खीरे मीठे और स्वादिष्ट होते हैं।
6. लौकी (Bottle Gourd/Lauaki)
परिवार के लिए यह लौकी एकदम सही है! यदि आप इसे अपने घर पर उगाना चाहते हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना होगा।
- सबसे पहले, आपको बड़े गमलों का इस्तेमाल करना होगा, जो कम से कम 18 इंच या उससे बड़े हों।
- छोटे गमलों में लौकी की बेल ठीक से नहीं बढ़ पाएगी। दूसरी बात, लौकी की बेल को बढ़ने के लिए एक सहारे की ज़रूरत होती है, इसलिए एक ट्रेलिस (सहारा) लगाना ज़रूरी है।
- लौकी के बीजों को बोने से पहले, उन्हें कुछ देर के लिए पानी में भिगो दें। इससे अंकुरण में मदद मिलेगी। जब आप बीजों को बो दें, तो उन्हें अच्छी तरह से पानी दें।
- लौकी की देखभाल करना भी बहुत आसान है। आपको बस इतना करना है कि हर 3 दिन में इसे अच्छी तरह से पानी दें। ध्यान रखें कि मिट्टी हमेशा नम रहे, लेकिन ज़्यादा गीली भी नहीं।
- कटाई की बात करें तो, लौकी लगभग 60–70 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाएगी। जब लौकी छोटी और मुलायम हो, तभी उसे काट लें।
- लखनऊ में मेरे घर पर, हम लौकी का इस्तेमाल सब्ज़ी और जूस, दोनों बनाने के लिए करते हैं। यह बहुत ही स्वादिष्ट और पौष्टिक होती है।
एक और टिप: बेहतर स्वाद के लिए, लौकी को तब काटें जब वह अभी छोटी हो। छोटी लौकी में बीज कम होते हैं और उसका स्वाद भी मीठा होता है। बड़ी लौकी में बीज ज़्यादा होते हैं और उसका स्वाद थोड़ा कड़वा हो सकता है।
7. करेला (Bitter Gourd/Karela)
सेहत का तोहफ़ा, आपके लिए एक बेहतरीन सौगात।
- कैसे उगाएँ: करेले को उगाने के लिए, आप एक मचान (trellis) का उपयोग कर सकते हैं, जो इसे बढ़ने के लिए एक अच्छा सहारा देगा। इसे 15 इंच के गमले में उगाना भी संभव है, जिससे यह सीमित जगह में भी अच्छी तरह से विकसित हो सके। गमले का आकार पौधे के विकास के लिए पर्याप्त होना चाहिए।
- देखभाल: करेले के पौधे को अच्छी तरह से विकसित होने के लिए 7–8 घंटे की धूप की आवश्यकता होती है। यह सुनिश्चित करें कि पौधे को पर्याप्त धूप मिले, लेकिन अत्यधिक गर्मी से भी बचाएं। पानी बहुत कम दें; करेले के पौधे को अधिक पानी की आवश्यकता नहीं होती है, इसलिए इसे नियमित रूप से थोड़ा-थोड़ा पानी देना पर्याप्त है। ज्यादा पानी देने से पौधा खराब हो सकता है।
- कटाई: करेले की फसल 55–65 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। फसल की अवधि के दौरान पौधे की नियमित रूप से निगरानी करें और जब फल परिपक्व हो जाएं तो उन्हें काट लें।
- अनुभव: मेरे निजी अनुभव के अनुसार, करेले का जूस डायबिटीज़ के रोगियों के लिए कमाल का काम करता है। यह रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है और स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है।
टिप: करेले की कड़वाहट को कम करने के लिए, फल को तब तोड़ें जब वह अभी कच्चा (छोटा) हो। छोटे करेले में कड़वाहट कम होती है, जिससे यह खाने में अधिक स्वादिष्ट लगता है।
इसलिए, जब फल अभी पूरी तरह से पका न हो, तभी उसे तोड़ लेना बेहतर होता है।
8. तोरी (Ridge Gourd/Tori)
हल्का और स्वादिष्ट, यह सब्जी आपके खाने को बनाएगी लाजवाब।
- कैसे उगाएँ: इसे उगाने का तरीका बिल्कुल लौकी की तरह ही है। आप इसे किसी मचान (trellis) पर आसानी से चढ़ा सकते हैं, जिससे यह अच्छी तरह से विकसित हो सके।
- मचान का उपयोग करने से पौधे को फैलने में मदद मिलती है और फल ज़मीन को छूने से बचते हैं।
- देखभाल: इसकी देखभाल में नियमित रूप से कटाई करते रहें। नियमित कटाई से पौधे को और अधिक फल उगाने के लिए प्रोत्साहन मिलता है।
- यदि आप नियमित रूप से कटाई नहीं करेंगे, तो फल बहुत बड़े हो सकते हैं और उनका स्वाद कम हो सकता है।
- कटाई: यह 50–60 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। इतने कम समय में, आप अपने बगीचे से ताज़ी सब्जी प्राप्त कर सकते हैं।
टिप: बेहतर परिणाम के लिए, इसके साथ ही तोरी (Luffa) भी लगाएँ। तोरी और ज़ुकिनी दोनों एक ही परिवार से हैं और एक साथ अच्छी तरह से उगते हैं। इससे आपके बगीचे में विविधता आएगी औरआपको दो प्रकार की स्वादिष्ट सब्जियां मिलेंगी।
9. फ्रेंच बीन्स (French Beans/Sem)
प्रोटीन से भरपूर यह एक बेहतरीन सब्ज़ी है। इसे उगाने का तरीका बहुत ही आसान है।
- आप इसे सीधे ज़मीन में बो सकते हैं। ध्यान रहे कि जब आप बीज बो रहे हों, तो पौधों के बीच लगभग 20 सेंटीमीटर की दूरी अवश्य रखें। यह दूरी पौधों को ठीक से बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह देगी।
- इसकी देखभाल करना भी मुश्किल नहीं है। आपको बस यह सुनिश्चित करना है कि मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा भरपूर हो। नाइट्रोजन पौधों के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है, और इसकी कमी से पौधों का विकास रुक सकता है। इसलिए, मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा को बनाए रखना ज़रूरी है।
- इसकी कटाई का समय भी निश्चित है। आमतौर पर, यह सब्ज़ी 45 से 55 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। कटाई के बाद, आप इसे तुरंत खा सकते हैं या बाद में उपयोग के लिए स्टोर भी कर सकते हैं।
- मेरे व्यक्तिगत अनुभव के अनुसार, बीन्स न केवल एक पौष्टिक सब्ज़ी है, बल्कि यह मिट्टी की गुणवत्ता को सुधारने में भी मदद करती है। यह मिट्टी में नाइट्रोजन को स्थिर करने में मदद करती है, जिससे मिट्टी उपजाऊ बनती है।
एक उपयोगी टिप यह है कि यदि आप बेल वाली किस्मों को उगा रहे हैं, तो उन्हें मचान (trellis) पर उगाएँ। मचान पर उगाने से पौधों को ऊपर चढ़ने के लिए सहारा मिलता है, और वे बेहतर तरीके से विकसित हो पाते हैं।
10. पालक (Spinach/Palak)
यह एक तेज़ी से बढ़ने वाला पौधा है। इसकी विशेषता है कि यह बहुत जल्दी विकसित होता है।
- इसे कैसे बोएँ: इसे सीधे अपने बगीचे में किसी ऐसी जगह पर बोएँ जहाँ हल्की छाया रहती हो। सीधे बुवाई करना सबसे अच्छा है।
- देखभाल: पौधों को हर दिन थोड़ा-थोड़ा पानी देना ज़रूरी है। यह सुनिश्चित करें कि मिट्टी नम रहे। हर 15 दिन में बीजों का एक नया समूह बोएँ, ताकि आपके पास हमेशा ताज़ी फसल रहे।
- कटाई: बुवाई के 25 से 40 दिनों के भीतर आप इसकी कटाई कर सकते हैं। मेरे बगीचे में तो पालक कभी खत्म ही नहीं होता! मैं लगातार इसकी कटाई करता रहता हूँ।
सामान्य टिप्स लिस्ट
- खाद: पौधों को स्वस्थ और मजबूत बनाए रखने के लिए, हर 15 दिन में घर पर बनी खाद का उपयोग करें। यदि आपके पास घर पर बनी खाद उपलब्ध नहीं है, तो आप वर्मीकम्पोस्ट का भी उपयोग कर सकते हैं। नियमित रूप से खाद डालने से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और पौधों को आवश्यक पोषक तत्व मिलते रहते हैं।
- कीट नियंत्रण: पौधों को कीटों से बचाने के लिए, नीम का तेल और साबुन के पानी का मिश्रण तैयार करें। इस मिश्रण को पौधों पर नियमित रूप से छिड़कें। नीम का तेल एक प्राकृतिक कीटनाशक है और यह पौधों को नुकसान नहीं पहुंचाता है। साबुन का पानी कीटों को दूर रखने में मदद करता है।
- पानी देना: पौधों को सुबह या शाम के समय पानी देना सबसे अच्छा होता है। इस समय तापमान कम होता है, जिससे पानी का वाष्पीकरण कम होता है और पौधों को अधिक पानी मिल पाता है। दोपहर के समय पानी देने से बचें, क्योंकि इस समय तापमान अधिक होता है और पानी जल्दी वाष्पित हो जाता है।
- मल्चिंग: पौधों के आसपास घास या पत्तियाँ डालकर मल्चिंग करें। मल्चिंग से मिट्टी में नमी बनी रहती है और खरपतवारों को बढ़ने से रोका जा सकता है। घास या पत्तियाँ धीरे-धीरे विघटित होकर मिट्टी को पोषक तत्व भी प्रदान करती हैं।
- स्थान परिवर्तन: पौधों को हर साल जगह बदलें। ऐसा करने से मिट्टी में पोषक तत्वों का संतुलन बना रहता है और पौधों को विभिन्न प्रकार के पोषक तत्व प्राप्त होते रहते हैं। एक ही जगह पर लगातार उगाने से मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है।
मेरे अनुभव से सीख
लखनऊ में 2018 से गार्डनिंग कर रहा हूँ। पहला साल सिर्फ भिंडी और पालक लगाई – 80% सफलता। अब 10 सब्जियों का कॉम्बिनेशन चलता है। सबसे बड़ा सबक: नियमित देखभाल से 70% काम हो जाता है। आप भी शुरू करें – 1 गमला से!
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. मार्च में कौन सी 10 सब्जियां उगाई जा सकती हैं?उत्तर: मार्च में आप टमाटर, बैंगन, मिर्च, भिंडी, खीरा, लौकी, करेला, ज़ुकिनी, फ्रेंच बीन्स और पालक उगा सकते हैं।
Q2. क्या मार्च के महीने में लखनऊ का मौसम किचन गार्डन के लिए उपयुक्त है?उत्तर: हाँ! 15–30°C का तापमान एकदम सही है।
Q3. शुरुआत में मुझे कितने गमलों की आवश्यकता होगी?उत्तर: शुरुआत के लिए 8–10 गमले पर्याप्त हैं। छोटे स्तर पर शुरू करें।
Q4. मैं बीज कहां से खरीद सकता हूं?उत्तर: आप Organicbazar.net से या किसी स्थानीय नर्सरी से बीज खरीद सकते हैं। आमतौर पर, हाइब्रिड किस्में बेहतर होती हैं।
Q5. यदि पौधों में कीड़े लग जाएं तो मुझे क्या करना चाहिए?उत्तर: नीम का तेल स्प्रे करें। किसी भी रासायनिक कीटनाशक की आवश्यकता नहीं है।
Q6. मुझे पौधों को कितना पानी देना चाहिए?उत्तर: जब मिट्टी की ऊपरी परत सूखी लगे तभी पानी दें। अधिक पानी देने से पौधों की जड़ें सड़ सकती हैं।
निष्कर्ष
ये 10 सब्जियां मार्च में लगाने के लिए सबसे अच्छी हैं। ये न केवल आपकी रसोई को ताज़ी सब्जियों से भर देंगी, बल्कि आपकी सेहत सुधारेंगी, पैसे बचाएंगी और आपको खुश भी रखेंगी।
मेरे अनुभव से, एक बार जब आप शुरू कर देंगे, तो आप इसे कभी रोकना नहीं चाहेंगे। आज ही एक या दो गमलों में बीज बोएं, और कल सुबह तक एक हरा-भरा बगीचा आपका इंतज़ार कर रहा होगा!
मैं आपके किचन गार्डन के लिए आपको शुभकामनाएं देता हूँ। मुझे कमेंट्स में बताएं कि आप सबसे पहले कौन सी सब्जी लगाने की सोच रहे हैं!
Nyc 🙏
जवाब देंहटाएंBest information
जवाब देंहटाएंNice sir 👍
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