कैलेंडुला फूल की देखभाल: लगाने का तरीका, फायदे और पूरी जानकारी
परिचय
कैलेंडुला (Calendula officinalis) को हिंदी में 'गेंदे का फूल', ' कैरेंडोला ', या 'पॉट मैरीगोल्ड' के नाम से जाना जाता है।
कैलेंडुला फूल की विशेषताएँ
• वैज्ञानिक नाम - कैलेंडुला ऑफिसिनेलिस (Calendula
officinalis)
• सामान्य नाम - पॉट मैरीगोल्ड, कैलेंडुला
• प्रजाति- एस्टेरेसी
• फूलों के रंग - पीला, नारंगी और सुनहरा
• खिलने का मौसम - सर्दी (अक्टूबर से मार्च)
• उपयोग - सजावट, औषधीय उपयोग, त्वचा देखभाल उत्पाद, हर्बल चाय
कैलेंडुला पौधा लगाने का सबसे अच्छा समय
भारत में, कैलेंडुला अक्टूबर से दिसंबर तक लगाया जाता है। यह ठंडी जलवायु में पनपता है और दिसंबर से मार्च तक लगातार खिलता रहता है।
कैलेंडुला के फूल लगाने की विधि / कैलेंडुला फूल की देखभाल
मिट्टी और स्थान का चयन
- पौधे के लिए मिट्टी हल्की रेतीली,
अच्छी ड्रेनेज वाली और लगभग
6-7 pH वाली होनी चाहिए।
- मिट्टी में
1 हिस्सा गार्डन सॉयल,
1 हिस्सा रेतीली मिट्टी,
और
1 हिस्सा वर्मी कम्पोस्ट मिलाएं।
- गहरी धूप,
यानी कम-से-कम
6-8 घंटे की धूप प्रतिदिन मिलनी चाहिए।
- अधिक पानी रुका तो जड़ सड़ सकती है,
इसलिए ड्रेनेज का खास ध्यान रखें।
बीज बोना
- कैरेंडोला के बीज बसंत
(मार्च-अप्रैल)
या शरद
(सितंबर-अक्टूबर)
ऋतु में बोएं।
- बीज मिट्टी में
0.5 सेंटीमीटर की गहराई पर बोएं ताकि प्रकाश से बचा रहे।
- पानी छिड़ककर मिट्टी को हलका नम बनाए रखें,
बीज
1-2 हफ्ते में अंकुरित हो जाते हैं।
- पौधों के निकल आने के बाद पंक्तियों में
18 सेंटीमीटर की दूरी रखें ताकि हवा का आवागमन बना रहे।
पानी और खाद
- पौधे को शुरुआती दिनों में नियमित पानी दें,
लेकिन अधिक न दें।
- सप्ताह में एक बार
1 से
1.5 इंच पानी पर्याप्त है,
गर्मियों में कम करें।
- मिश्रित वर्मी कम्पोस्ट या संतुलित जैविक खाद महीने में एक बार दें।
- बहुत ज्यादा खाद देने से पौधा केवल पत्तियां देगा और फूल कम होंगे।
देखभाल की बारीकियां
- पुराने सूखे फूलों को नियमित रूप से तोड़ते रहें,
इससे नए फूलों की संख्या बढ़ती है।
- पौधे को हर
2-3 दिन में छँटाई करें ताकि ज्यादा फूल प्राप्त हो सकें।
- ज्यादा पानी और बहुत भारी खाद न दें,
इससे पौधा कमजोर हो सकता है।
- पौधे को
पूरी धूप मिले,
तो पौधा ऊर्जावान और स्वस्थ रहेगा।
- पौधे को गर्मियों की तेज धूप और पानी की कमी से बचाएं,
यह आमतौर पर सर्दी-बसंत का पौधा है।
रोग और कीट नियंत्रण
- एफिड्स
(Aphids), सफेद मक्खी
(Whitefly) और फफूंद
(Powdery mildew) कैलेंडुला में लग सकते हैं।
- पाउडरी मिल्ड्यू से बचाव के लिए पौधों के बीच दूरी और अच्छा वेंटिलेशन रखें।
- एफिड्स दिखें तो नीम का तेल या साबुन पानी स्प्रे करें।
- कैरेंडोला को स्लग और कुछ अन्य कीट पसंद हैं,
ध्यान रखें ।
- नीम का तेल
(Neem oil) का छिड़काव
7–10 दिन में करें।
🌸 कैलेंडुला फूल के फायदे
1. औषधीय फायदे
- घाव भरने में सहायक
– इसकी पत्तियाँ और फूलों का अर्क चोट,
कटने और जलने पर लगाया जाता है।
- सूजन और संक्रमण कम करता है
– इसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण होते हैं।
- पाचन सुधारता है
– कैलेंडुला की हर्बल चाय गैस,
एसिडिटी और पेट दर्द में फायदेमंद होती है।
- महिलाओं की समस्याओं में उपयोगी
– मासिक धर्म के दर्द और अनियमितता को संतुलित करने में मदद करता है।
2. त्वचा और सौंदर्य में फायदे
- स्किन प्रोटेक्शन
– कैलेंडुला तेल और क्रीम त्वचा को मुलायम बनाते हैं।
- मुहांसे और झुर्रियाँ कम करता है
– इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट त्वचा को साफ और जवान रखते हैं।
- सनबर्न और एलर्जी में राहत
– इसकी ठंडी प्रकृति त्वचा की जलन को कम करती है।
3. आहार और किचन में फायदे
- हर्बल चाय
– कैलेंडुला चाय शरीर को डिटॉक्स करती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है।
- खाद्य रंग
– इसकी पंखुड़ियाँ भोजन में हल्दी या केसर की तरह रंग देने के लिए इस्तेमाल होती हैं।
- सलाद में उपयोग
– ताजी पंखुड़ियाँ सलाद और सूप में डाली जा सकती हैं।
- 4.
गार्डनिंग में फायदे
- प्राकृतिक कीट नियंत्रण
– कैलेंडुला की खुशबू हानिकारक कीटों को दूर करती है।
- साथी पौधा
(Companion Plant) – इसे टमाटर,
मिर्च और बीन्स जैसे पौधों के पास लगाने से उनकी ग्रोथ अच्छी होती है।
- सर्दियों का आकर्षण
– दिसंबर से मार्च तक लगातार फूल खिलकर गार्डन को सुंदर बनाते हैं।
कैलेंडुला फूल कब और कैसे खिलता है?
- कैलेंडुला अक्टूबर में बोने पर दिसंबर से लगातार फूल देना शुरू कर देता है।
- एक पौधा
4–5 महीने तक लगातार फूल देता है।
- मुरझाए फूल तोड़ते रहने से नया फूल जल्दी निकलता है।
कैलेंडुला फूल उगाने के टिप्स
- गमले में कम से कम
8–10 इंच गहराई वाला पॉट लें।
- पौधे को नियमित धूप में रखें।
- फूल तोड़ते रहें ताकि पौधा ज्यादा समय तक खिले।
- पानी की अधिकता से बचें।
कैलेंडुला फूल से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
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1. कैलेंडुला फूल किस मौसम में खिलता है?
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कैलेंडुला फूल मुख्य रूप से सर्दियों के मौसम (नवंबर से मार्च) में खिलता है। यह ठंडी जलवायु में अच्छे से बढ़ता है।
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2. क्या कैलेंडुला फूल औषधीय गुणों से भरपूर है?
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हाँ, कैलेंडुला फूल में एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। यह घाव भरने, त्वचा की समस्याओं और पाचन सुधारने में उपयोगी है।
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3. कैलेंडुला फूल का उपयोग स्किनकेयर में कैसे होता है?
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कैलेंडुला से बने तेल, क्रीम और लोशन त्वचा को मुलायम बनाते हैं, मुहांसे और झुर्रियों को कम करते हैं और सनबर्न से राहत देते हैं।
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4. क्या कैलेंडुला फूल खाने योग्य है?
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हाँ, कैलेंडुला की पंखुड़ियाँ सलाद, सूप और हर्बल चाय में डाली जा सकती हैं। यह भोजन को प्राकृतिक रंग और स्वाद देते हैं।
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5. गार्डन में कैलेंडुला लगाने के फायदे क्या हैं?
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कैलेंडुला एक प्राकृतिक कीट भगाने वाला पौधा है। इसे टमाटर, मिर्च और बीन्स के पास लगाने से उनकी ग्रोथ बेहतर होती है।
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6. क्या कैलेंडुला फूल से हर्बल चाय बनाई जा सकती है?
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जी हाँ, कैलेंडुला की सूखी पंखुड़ियों से हर्बल चाय बनाई जाती है, जो शरीर को डिटॉक्स करती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है।
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7. कैलेंडुला को हिंदी में क्या कहते हैं?
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कैलेंडुला को आमतौर पर "पॉट मैरीगोल्ड" कहा जाता है, जबकि कुछ जगहों पर इसे साधारणत: "गेंदे जैसा फूल" भी समझा जाता है।
निष्कर्ष
कैलेंडुला के फूल न केवल आपके बगीचे की शोभा बढ़ाते हैं,
बल्कि औषधीय और सौंदर्य संबंधी लाभ भी प्रदान करते हैं। इनकी देखभाल करना आसान है और
ये शुरुआती लोगों के लिए एक आदर्श पौधा हैं। अपने शीतकालीन बगीचे में कैलेंडुला लगाने
से आपका बगीचा इसके पीले-नारंगी फूलों से खिल उठेगा।
Sunder prayash
जवाब देंहटाएंGood knowledge
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जवाब देंहटाएंSunder phool ki jaankaari
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